काशीपुर। रेलवे स्टेशन पर करीब एक महीने से विकास के अमृत का सूखा पड़ा हुआ है। वहीं विभागीय अधिकारी पर्याप्त लेबर के अभाव में निर्माण कार्य की गति थमने की बात कर रहे हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब छह महीने से काशीपुर रेलवे स्टेशन पर लगभ साढ़े 8 करोड़ की लागत से पुनर्विकास कार्य चल रहा है। स्टेशन परिसर में यातायात योजना के साथ-साथ सर्कुलेटिंग परिसर का विस्तार एवं सुधार कार्य, बागवानी का विकास, आधुनिक एवं उन्नत प्रकाश व्यवस्था, नए मॉडर्न टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण, दिव्यांगों के लिए रैंप, वाटर कूलर, स्वचालित घोषणा प्रणाली, प्लेटफार्म संख्या 2 व 3 पर जीपीएस घड़ी, स्टेशन के प्रवेश /निकास द्वार व प्लेटफार्म पर सीसीटीवी कैमरे, एलईडी स्टेशन नाम बोर्ड, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, पैदल उपरिगामी पुल, ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम, सौर ऊर्जा पैनल आदि के कार्य होने है। बीती 26 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअल माध्यम से इन विकास कार्यों का शिलान्यास भी कर चुके हैं। लेकिन इसके कुछ समय बाद से निर्माण कार्य होता नहीं दिख रहा है। इसको लेकर स्टेशन पर तरह तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। बताते है करीब 50 फीसदी कार्य हो चुका है। सभी कार्य पांच जून तक पूरे होने हैं। पर्याप्त लेबर मुहैया नहीं होने के चलते काम की गति को रफ्तार नहीं मिल पा रही है जिसके चलते स्टेशन पर विकास के अमृत का सूखा दिखाई दे रहा है। संवाद
रेलवे स्टेशन के शौचालय में टाइल्स लगाने का कार्य चल रहा है। होली पर लेबर अपने घर गई थी जिसके चलते काम बंद रहा।
– राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल पूर्वोत्तर रेलवे

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